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कहानी जिंदगी की
July 5, 2017 | Surendra Arora






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कहानी जिंदगी की, बीहड़ों की किताब
इसके जंगलों में न खुद को उलझाते रहिये!

आते हैं , आते ही रहेंगे चक्रवाती सैलाब
सैलाबो पर अपने इरादों की नावों को तैराते रहिये!

नफरतों की दीवारे बनती है जिन पत्थरों से
उन पत्थरों पर हमदर्दी के फूल खिलाते रहिये!

बड़ी नेमतों से मिलती है रिश्तों की सौगात
इन सौगातों को मखमली लिहाफ़ औड़ाते रहिये!

जब कभी आये रूठे किसी बिछड़े की याद
रूठे हुए उस परिदें को दिल से मनाते रहिये!

KissaKriti | कहानी जिंदगी की
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