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काफ़िया-ई रदीफ़-में बहर-2122 121
November 14, 2016 | Alok Pandey






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कौन और किसकी मेज़बानी में
जल रहे हैं दिये यूँ आँधी में

मैं हक़ीक़त में भी भटकता हूँ
कोई किरदार सा कहानी में

चाँद उतरा है फिर जमीं पर लो
आसमां है वहाँ उदासी में।

यूँ न परखो मेरे हुनर को तुम
हम इबारत लिखेंगे पानी में।

अश्क़ आँखों में न भर लेना तुम
डूब जाएंगे ख्वाब पानी में।
*****
डॉ.राजीव जोशी
बागेश्वर।

KissaKriti | काफ़िया-ई रदीफ़-में बहर-2122 121
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