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याद आ गयी
March 18, 2017 | Alok Pandey






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फिर याद आ गयी
झोंका इक आया हवा का
उनकी बात आ गयी
याद आ गयी.

चले थे साथ कई कदम
मेरे संग था उनका दम
एक दिन यूँ ही आसुंओं की बारात------ आ गयी
याद आ गयी.

जाने कहाँ चले गए वो-----
कई लोग पड़े रो
सुन्हरे बागों में पतझड़ सी-- छा गयी
आज नहीं हैं वो
पर उनके न होने की कमी की बात आ गयी
रोते न थे यूँ तो हम लोगों में
न जाने कहाँ से आसुंओं की बरसात आ गयी
याद आ गयी.------------------

KissaKriti | याद आ गयी
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