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तहज़ीब
May 5, 2017 | Yojna Jain






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हर सुबह लिक्खि और शाम को
मिटायी जाती है ये तहज़ीब!

बदन पे सजायी और आँखों से
गँवाई जाती है ये तहज़ीब!

उतारिए अब चेहरों पे लगे हुए
नक़ाब जनाब ! क्योंकि अक्सर

काले दिल वालों के अंदाज़ों में,
ज़्यादा पायी जाती है ये तहज़ीब!!!


KissaKriti | तहज़ीब
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