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असोज
September 26, 2017 | Om Fulara






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आजकल गौंनों में असोजक मार् मार् हैरैछ
न खाणक् फुरसत छू न बैठणक् टैम
बस एक रटन असोज असोज हैरैछ |
उज्याव हण में खुपवाक् तिराइ निराई देखीनई लोग
अन्यार हण तक उपनें लटपटी रई लोग
सुख दुख सब भुलि बेर असोज असोज हैरैछ |
नानतिना मुख लटकि रई ईजक् बिन
नानतिना कैं भुलि खुपवाक् बीच कटणई इजाक् दिन
सबुकैं बेहाल करि गोछ असोज
नान बटी ठुल तक सबुकैं असोज असोज हैरैछ |
बधई द्योल सबुकैं मार् मार् करि हैछ
भान् मजी खाण छोड़ सबुलै लगै हैछ दौड़
सबूक मुख पर कानि लैजो य असोज हैरैछ |
आजकल गौनों में असोजक मार मार हैरैछ |

KissaKriti | असोज
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