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राज नीति
November 14, 2016 | Alok Pandey






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आज राज नीति
बदनाम हो गयी
लोकतंत्र के पहिए पंचर
गाड़ी जाम हो गयी
आज राज नीति बदनाम हो गयी।
कोई पंथ को रोता
कोई रुलाता है
कोई मारता है पहले बेहिसाब
फिर सहलाता है
कोशिशें समझने की इसे नाकाम हो गयी
आज राज नीति बदनाम हो गयी
अच्छा करके भी
बहस है
बुरा करने पर
चर्चाएं आम हो गयी
कल जिसे उठाया कंधे पर
आज वो शियासत नीलाम हो गयी
आज राज नीति बदनाम हो गयी
कहीं बकरे कटके
कहीं भागवत के बहाने
कहीं शराब छक कर
कहीं नोटों के पैमाने
सख्सियतें बड़ी बड़ी
आम हो गयी
आज राज नीति बदनाम हो गयी।
कहीं जात धर्म की बातें
मलिन बस्तीयों में
समय चुनाव के
कटती रातें
5 साल बात फिर मेरी यादें
कहानी ये आम हो गयी
आज राज नीति बदनाम हो गयी।
कुछ न कर पाना
मेरी तक़दीर
और उसकी सोहरत
आसमान हो गयी
आज राज नीति बदनाम हो गयी।

KissaKriti | राज नीति
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