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रूह को ताकीद
April 22, 2017 | Yojna Jain






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कुछ रूह को ताकीद मेरी दो,
बेखयाली दो, पर नींद न यूँ लो,
इतना भी नुकसान प्यार में न हो जाए कृति,
कि तुम दिल दो अपना मुझे और जान मेरी लो!

KissaKriti | रूह को ताकीद
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