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आसां नहीं रहा जो
March 24, 2016 | Yojna Jain






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कभी आसां नहीं रहा जो मैंने वो ही किया है
अपने हर सपने को मैंने नींदें उड़ा कर जिया है........

जिंदगी के समंदर में कुछ मीठे रंग नयी ख्वाइशों के डाल दूं,
रंग बदले न बदले समंदर का, पर शायद पानी कम खारा हो जाए,
और जी लूं मैं फिर से कुछ और अधूरे ख्वाब अपने........

KissaKriti | आसां नहीं रहा जो
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