Login Sign Up Welcome
Guest



Home
About Writers
Contest
About Us


Jyotsna

आलोक

Yojna

Alok

Poonam

Ankit

Bozena

Mohan

Sachin Om

Rajeev

Abhidha

Bhuwan

Cristiana

Amardeep

Abha

Deep Chandra

Surendra

What is Inside



कृति - कविता (Poems)
(Total: 103)
जिंदगी प्रश्‍न है यदि तू,
तो मैं उत्तर बन जाऊंगी....
बार बार तुझे ये बताऊंगी...
कि यदि तू है, तो मैं तेरी पूरक हूँ...
तू दिशा है, तो मैं दिशा सूचक हूँ
तू विचार है तो मैं योजना हूँ...



किस्साGO - The StoryTeller
(Total: 15)
चलो आज एक कहानी कहते हैं...
न राजा की न रानी की...
तेरी मेरी जिंदगानी की
एक कहानी कहते हैं...



Books
(Total: 1)
Publish your Books online (PDF)


आवाज़ का आगाज़
(Total: 6)
kissa kriti gets a voice
(pilot phase)
Listen to your heart now........



शेर-ओ-शायरी
(Total: 17)
Saying a lot in few words....
(गागर में सागर)




New Arrived Krities


मन

आलोक पाण्डेय | (Reads 184)



मंगलस्वरूप

आलोक पाण्डेय | (Reads 129)



बसंत

Deep Chandra Pandey | (Reads 112)



सुआ बसन्ता

Om Fulara | (Reads 128)



मैं चित्रकूट का घाट तेरा

Sachin Om Gupta | (Reads 129)



शेर-ओ-शायरी


शहर

Yojna Jain | (Reads 873)

इतना धुआं इतना गुबार इन शहरों की किस्मत में है
इतना लालच, इतनी हवस शहर वालों की फितरत में है
बहुत मुश्किल है कि अब इसकी सीरत बदल जाए
गाँव तो शहर बन सकता है बेशक
पर बमुश्किल शहर कभी गाँव बन पाए



तू हवा सा, मैं घटा सी,

Yojna Jain | (Reads 890)

तू हवा सा, मैं घटा सी,
अब ये तेरी रवानी पे है
कि मैं कहाँ जाके बरसूँ !!



तुम बसंत बन आ जाओ

Yojna Jain | (Reads 758)

तुम बसंत बन आ जाओ मैं फ़ूल सी खिल जाऊँगी !
लहराओ बनके बादल मैं बारिश बन झर जाऊँगी!
सब लेना कुछ मत देना सिवा प्रीत के ऐ हमदम,
वरना बिन खिले, बिन झरे, बेमौसम मुर्झा मैं मर जाऊँगी !



Trending Kriti


इमली का चटकारा

(Reads 1510)


चट चट चट..चटाके मारते मारते कंचन ने 1/2 किलो इमली अकेले ही चट कर दी
बित्ते भर की लड़की.....
आखिर कितनी खा लेगी, सोच के माँ ने छुपाया नहीं इमली का पूडा जब कंचन के पापा ने office से आके फ्रिज के ऊपर रखा....
सोचा

.....More



Author


Yojna Jain




Hindi (हिंदी)



"हिटनैं र" 🌹🌹
(Reads: 953)


मैं चित्रकूट का घाट तेरा
(Reads: 129)


मिटटी का पुतला
(Reads: 925)


"सुहागरात"
(Reads: 176)


काफ़िया-ई रदीफ़-में बहर-2122 121
(Reads: 968)


"चाय" का एक प्याला
(Reads: 128)


अधूरे प्यार के कांटे
(Reads: 821)


ढूँढते देखे
(Reads: 1093)


मुबारक हो
(Reads: 1093)


" वह "
(Reads: 1053)


बसंत
(Reads: 70)


ख़ामोशी
(Reads: 100)


मन
(Reads: 184)


शहर
(Reads: 873)


परछाई
(Reads: 680)


शब्द महज शब्द नहीं
(Reads: 85)


बसंत
(Reads: 109)


मज़हब
(Reads: 212)


मैं आदमी हूं शहर का
(Reads: 1113)


एक भूल ...........
(Reads: 815)


कभी कभी बातें भी करें
(Reads: 385)


औकात
(Reads: 1000)


नारी
(Reads: 631)


वीरों नववर्ष मना लें हम
(Reads: 945)


नोंक-झोंक
(Reads: 100)


इमली का चटकारा
(Reads: 1510)


मंगलस्वरूप
(Reads: 129)


फिर भी आज दीवाली है
(Reads: 950)


*** बस शर्त इतनी है ***
(Reads: 98)


काफ़िया-आ रदीफ़-क्यों रही ह
(Reads: 937)
English



NATURAL AFFECTION
(Reads: 1036)


The Cave
(Reads: 1427)


Accidental drop
(Reads: 1088)


Life
(Reads: 173)


Himalayan Dooms Day: End of many stories
(Reads: 964)


Time
(Reads: 246)
Kumaoni (कुमाओनी)



सुआ बसन्ता
(Reads: 128)


चुनावक दौर
(Reads: 1046)


'पखाँणों में नि जए'
(Reads: 653)


इजा तू महान
(Reads: 1063)


सुआ बसन्ता
(Reads: 118)


बेरोजगार व्यथा
(Reads: 323)


पचास बरस
(Reads: 651)


असोज
(Reads: 175)


This website and its content is author's copyright - All rights reserved. Any redistribution or reproduction of part or all of the contents in any form is prohibited.

Contact: E: Info@KritiYojna.com

Sponsored by: Adsam Consultancy Pvt Ltd

Kriti Yojna