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कृति - कविता (Poems)
(Total: 103)
जिंदगी प्रश्‍न है यदि तू,
तो मैं उत्तर बन जाऊंगी....
बार बार तुझे ये बताऊंगी...
कि यदि तू है, तो मैं तेरी पूरक हूँ...
तू दिशा है, तो मैं दिशा सूचक हूँ
तू विचार है तो मैं योजना हूँ...



किस्साGO - The StoryTeller
(Total: 15)
चलो आज एक कहानी कहते हैं...
न राजा की न रानी की...
तेरी मेरी जिंदगानी की
एक कहानी कहते हैं...



Books
(Total: 1)
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आवाज़ का आगाज़
(Total: 6)
kissa kriti gets a voice
(pilot phase)
Listen to your heart now........



शेर-ओ-शायरी
(Total: 17)
Saying a lot in few words....
(गागर में सागर)




New Arrived Krities


मन

आलोक पाण्डेय | (Reads 215)



मंगलस्वरूप

आलोक पाण्डेय | (Reads 150)



बसंत

Deep Chandra Pandey | (Reads 127)



सुआ बसन्ता

Om Fulara | (Reads 150)



मैं चित्रकूट का घाट तेरा

Sachin Om Gupta | (Reads 153)



शेर-ओ-शायरी


कविता

Yojna Jain | (Reads 508)

कहते हैं लोग
क्या लगता है
कविता करने में
कैसे बनती है कविता
जवाब देने का प्रयास ....
बहुत घुलता है ये दिल
बेहद मचलता है ये दिल
पिसता है मसलता है
कभी दहकता कभी महकता
घिस घिस के तेज़ आँच में
तपता है ये दिल ....
तब कहीं जाकर, होकर गुलज़ार
कभी बेअदब, कभी बेख़याल
बारिश सी छनती है
मोम सी पिघलती है
फिसलती है संभलती है
और फिर बमुस्क़िल
रूह से काग़ज़ पे उतरती है!
करके मुझे मुझसे कहीं विशाल
मेरे अंदर बाहर तनती है।
जब मुझमें मैं नहीं होती
तब ये कविता बनती है ।



प्यार के उजाले

Yojna Jain | (Reads 786)

बंद खिड़कियों के पीछे
प्यार के उजाले हैं
धीमे से फुसफुसा के देखो
हम तो कब से तुम्हारे हैं



तू हवा सा, मैं घटा सी,

Yojna Jain | (Reads 911)

तू हवा सा, मैं घटा सी,
अब ये तेरी रवानी पे है
कि मैं कहाँ जाके बरसूँ !!



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इमली का चटकारा

(Reads 1534)


चट चट चट..चटाके मारते मारते कंचन ने 1/2 किलो इमली अकेले ही चट कर दी
बित्ते भर की लड़की.....
आखिर कितनी खा लेगी, सोच के माँ ने छुपाया नहीं इमली का पूडा जब कंचन के पापा ने office से आके फ्रिज के ऊपर रखा....
सोचा

.....More



Author


Yojna Jain




Hindi (हिंदी)



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Himalayan Dooms Day: End of many stories
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Kumaoni (कुमाओनी)



सुआ बसन्ता
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